ख़ामोश रहना अच्छा है....

बेकार के तर्क - वितर्क हो जहां ,

वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


बेमानी सी बातें हो जहां ,

वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


लोग बस सुनते हो, समझते ना हो जहां ,

वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


उलझनों का बेवजह तांता हो जहां ,

वहां ख़ामोश रहना अच्छा है ।


परेशान करने को अनगिनत सवाल हो जहां ,

खुद के सुकून के लिए, वहां ख़ामोश रहना अच्छा है ।


जब लगे कि आप किसी की चाहत नहीं, ज़रूरत हो ,

वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


सब तुम्हें गलत साबित करने को बैठे हो जहां ,

ख़ुद को सही साबित करने से बजाय,

 वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


कोई अपना जब यकीं करने के बजाय हर बात पर शक करे ,

ख़ुद को निर्दोष साबित करने के बजाय, वहां ख़ामोश रहना अच्छा है l


हर वो पल जो बेचैन करके बोलने को मजबूर करे,

यकीं मानो , वहां ख़ामोश रहना अच्छा है।


पूर्णिमा रीहिल


एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने