पटना। राकेश पटेल, बिहार की सत्ता की नई पारी का आगाज़ आज राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बेहद भव्य तरीके से हुआ। बिहार सरकार के नवनियुक्त मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में लाखों की संख्या में भाजपा और जदयू कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा। पूरा मैदान 'जय घोष' से गुंजायमान रहा, जहाँ जनता अपने नेताओं को जिम्मेदारी संभालते हुए देखने के लिए सुबह से ही जुटना शुरू हो गई थी।
इस समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मंच पर उपस्थित रहे। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने न केवल गठबंधन की मजबूती को दर्शाया, बल्कि कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया।
आधी आबादी का दिखा दम
समारोह की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की भारी संख्या में भागीदारी रही। बड़ी संख्या में पहुँची महिलाओं ने अपनी उपस्थिति से यह साफ कर दिया कि प्रदेश की विकास यात्रा में उनकी भूमिका और सरकार के प्रति उनका भरोसा अटूट है।
निशांत कुमार की नई भूमिका और अनुभव का मेल
मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार युवा जोश और अनुभव का अनूठा संतुलन देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को कैबिनेट में शामिल किया जाना सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा। वहीं, मंत्रिमंडल में कई पुराने और भरोसेमंद चेहरों को दोबारा जगह मिलने से जमीनी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया।
जश्न का माहौल
शपथ ग्रहण के बाद कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नया मंत्रिमंडल बिहार के विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करेगा।

