नई दिल्ली: कहते हैं कि जब नेक इरादे और अटूट हौसला एक साथ मिल जाएं, तो कायनात भी रास्ता बनाने लगती है। दिल्ली में आयोजित भव्य "MOMentum Awards" ने इस बात को सच साबित कर दिया है। यूट्यूबर व पॉडकास्टर रीना और 'Viral Makers 360' के संस्थापक अज़ीम ने महज़ 30 दिनों की ज़बरदस्त मेहनत से एक ऐसा मंच तैयार किया, जिसने समाज की प्रेरणादायक महिलाओं को एक नई पहचान दी।
एक महीने का जुनून और असाधारण परिणाम
जहाँ बड़े इवेंट्स को प्लान करने में महीनों लग जाते हैं, वहीं रीना और अज़ीम ने इसे सिर्फ एक महीने के भीतर हकीकत में बदल दिया। MOMentum Awards का उद्देश्य उन माताओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से समाज में अपनी एक अलग जगह बनाई है। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि भावनाओं और गरिमा का एक अनूठा संगम था।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि यहाँ पहुँचने वाले दिग्गज अतिथि किसी व्यावसायिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि आयोजकों के व्यवहार और उनकी सच्ची नीयत से प्रभावित होकर आए थे।
दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए राजनीति, खेल और प्रशासन की कई बड़ी शख्सियतें मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
सुनील कुमार साहू: इंटरनेशनल पैरा एथलीट (गोल्ड मेडलिस्ट) और यूथ आइकॉन।
ममोता देवी: भारत की पहली महिला बॉडी बिल्डर।
प्रवीन खंडेलवाल: माननीय सांसद।
पूनम भारद्वाज (लेडी सिंघम): डीसीपी, दिल्ली पुलिस।
इनके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिष्ठित लोगों ने रीना और अज़ीम के इस निस्वार्थ प्रयास की सराहना की।
अज़ीम: "डिसेबिलिटी सोच में होती है, शरीर में नहीं"
इस सफलता के पीछे Viral Makers 360 के फाउंडर अज़ीम की प्रेरणादायक सोच है। शारीरिक चुनौतियों को मात देकर डिजिटल मार्केटिंग और पर्सनल ब्रांडिंग में नाम कमाने वाले अज़ीम का मानना है:
"हौसले से कुछ नहीं होता, पर से उड़ान होती है। पैरों से जमीन नाप सकते हो, लेकिन पर से पूरी कायनात हासिल कर सकते हो।"
रीना: मातृत्व और सपनों के बीच एक सेतु
दो बच्चों की माँ होने के साथ-साथ एक सफल यूट्यूबर और पॉडकास्टर के रूप में रीना ने यह साबित किया कि परिवार के सहयोग से एक महिला हर मुकाम हासिल कर सकती है। उन्होंने MOMentum Awards के ज़रिए यह संदेश दिया कि माँओं का योगदान समाज के विकास की असली गति (Momentum) है।

प्रेरणा का नया नाम: MOMentum
रीना और अज़ीम की यह यात्रा उन सभी के लिए एक संदेश है जो सपने तो देखते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी का बहाना बनाते हैं। MOMentum Awards की सफलता चीख-चीख कर कह रही है कि अगर नीयत अच्छी हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता हर हाल में मिलती है।
.jpeg)


.jpeg)