नई दिल्ली के सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में 21 दिसंबर को होगा पहला 'भगवद्गीता राष्ट्रीय सम्मेलन'

युवाओं और आईटी पेशेवरों को जीवन प्रबंधन के गुर सिखाएगा 'गीता परिचय अभियान'

नई दिल्ली: आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच आध्यात्मिक शांति और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझाने के उद्देश्य से आगामी 21 दिसंबर को नई दिल्ली के सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में पहले 'भगवद्गीता राष्ट्रीय सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 'गीता परिचय अभियान' द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से लगभग 1600 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और बुजुर्गों को गीता के माध्यम से सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कोटा से जुड़े गीता आचार्य डॉ. सुधीर उपाध्याय ने बताया कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन (Life Management) का एक व्यावहारिक मार्गदर्शक है। यह अभियान विशेष रूप से शिक्षित युवाओं और आईटी पेशेवरों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जो अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन की तलाश कर रहे हैं।

अभियान की मुख्य विशेषताएं:

  • डिजिटल माध्यम से जुड़ाव: अभियान द्वारा 'गीता परिचय' नाम से एक आधिकारिक ऐप लॉन्च किया गया है, जो प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।

  • व्यापक विस्तार: वर्तमान में 100 से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन गीता क्लासेस संचालित की जा रही हैं, जिनसे हजारों युवा जुड़े हुए हैं।

  • शैक्षणिक पहल: हाल ही में जयपुर के विभिन्न स्कूलों में 'गीता परिचय' सत्र आयोजित किए गए, ताकि नई पीढ़ी को बचपन से ही इन नैतिक मूल्यों का ज्ञान मिल सके।

  • साप्ताहिक सत्र: जूम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से विशेषज्ञ आचार्य नियमित रूप से गीता के श्लोकों की व्याख्या करते हैं।

डॉ. उपाध्याय के अनुसार, भारत में गीता के प्रति बढ़ती रुचि इस बात का प्रमाण है कि लोग भौतिक उन्नति के साथ-साथ आंतरिक शांति की खोज कर रहे हैं। यह सम्मेलन उसी खोज को एक सही दिशा देने का प्रयास है।

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