राकेश पटेल, ब्यूरो चीफ (मुजफ्फरपुर)। स्थानीय कलमबाग चौक स्थित एक होटल के सभागार में डॉ तृप्ति सिंह द्वारा रचित काव्य-संग्रह 'उस दुनिया तक' का लोकार्पण करते हुए समारोह के मुख्य अतिथि सह लोकार्पणकर्ता डॉ भगवानलाल सहनी ने कहा कि कविता मनुष्य के जीवन राग को प्रभावित करती हैं। मनुष्यता, संवेदना एवं मानवीयता के पक्ष में लिखी गई डॉ तृप्ति सिंह की कविताएँ सार्थक व स्वागतेय है।
विशिष्ट अतिथि एवं एल एन टी महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ ममता रानी ने कहा कि डॉ तृप्ति सिंह ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी जीवन के अस्तित्व, भाव एवं मानवीय संवेदना को स्पर्श किया है।
एम एल सी डॉ संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रस्तुत पुस्तक लेखक के व्यापक जीवनानुभवों के दस्तावेज हैं।
नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि डॉ तृप्ति सिंह का प्रस्तुत संग्रह मनुष्यता की बात करती है।
समाजसेवी डॉ हरेंद्र कुमार ने कहा कि डॉ तृप्ति सिंह की पुस्तक की अहमियत और अंदाज प्रभावित करता है।
पूर्व सांसद अजय निषाद ने कहा कि डॉ तृप्ति सिंह की कविताएँ मनुष्य के वास्तविक संवेदना की साक्षी हैं।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ दिए गए अपने भाव विह्वल उद्गार में डॉ तृप्ति सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर की भूमि साहित्यिक उर्वरा की भूमि है। यहां अपनी संवेदना को व्यक्त करना ही मेरी साहित्यिक उपलब्धि है। मैने जैसा जिया है वैसा ही रचा है। इसके बाद उन्होंने संग्रह से कुछ कविताओं का पाठ किया।
स्वागत, संचालन एवं विषय प्रवेश कराते हुए डॉ पंकज कर्ण ने कहा कि डॉ तृप्ति सिंह के इस काव्य संग्रह की कविताओं में भावनाओं का मिठास है जो मनुष्यता की इबारत गढ़ती है।
अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र से किया गया।
समारोह में कृष्णा कुमार सिंह, काैस्तुभ मणि, डॉ नेहा सिंह, प्रीति सिंह, हर्षवर्धन , गुरुशरण, पुष्पा, डॉ जयति, डॉ दीपा, श्यामल श्रीवास्तव, डॉ अनु शांडिल्य, प्रवीण कुमार, डॉ मनोज कुमार, डॉ विकास कुमार, डॉ निर्मल कुमार, डॉ रामविनोद सिंह, डॉ धनंजय सिंह, डॉ सतीश कुमार, डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉ बिंदु भारती, डॉ अभिलाषा, डॉ अनामिका, प्रो गुड्डी, डॉ रीना, प्रो राजकुमार, प्रो आकिब, केशव कुमार, चैतन्य चेतन, शशि कुमार सहित साहित्यकार-सांस्कृतिकर्मी एवं राजनीति के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति रही।
